शंकर बैठे हैं कैलाश
माता पार्वती के साथ
बोल मेरी रसना हरि हरि
जिसके जीवन मैं मिला सत्संग है
भजन करो श्री राम का सहारा मिलेगा
रघुनन्दन तुमको आना होगा।
मैं तो भूल गई मेरे राम, कितना प्यारा तेरा नाम।
बेलपत्ते ले आओ सारे भोले बाबा को सजाना है।
पार करो मेरा बेड़ा भव से हे शिव शंकर कैलाशी।
बनी आए सुघड़ रघुराज बनरा मिथिला में,
सुख कर दे बीकाने में करणी माई हो सुख कर दे,
You must be logged in to post a comment.