आयो आयो है शुभ त्यौहार श्याम जयंती है।
मैं जाऊं मैया के दरबार, दरबार,
मुझे लगन लगी मां के दर्शन की।
सुनो कन्हैया अरज हमारी, दया करो हम शरण तुम्हारी।
सपने में आए हनुमान, हनुमान मने कर गए मालामाल सखी।
गुरु मिलन रंग लागो मना रे,
ले हर एक सांस,मेरी नाम तेरा,
तेरा सगला काज बणासी,
बाबो आसी, आसी, आसी,
मेरे तो आधार सीता राम के चरणारविन्द
चलो राम दरबार मदारी बंदर आया है।
हार गया हनुमान अब मैं हार गया,
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