हनुमान लला हनुमान लला, श्री राम के तुम हो प्राण लला।
थाने बार बार नहीं मिलसी रे, मिनक जन्म रो चोकडीयो
हे नाथ क्या ये विनती स्वीकार अब न होगी।
कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान,
सुन खाटू के श्याम धनी, दरवाजे पे दुनिया खड़ी।
झूला झूले सांवरिया मेरी सरकार रे।
जय श्री श्याम कहने की अब आदत हो गई।
ओ कान्हा मुझको भी रंग ले अपने रंग में
महाकाली पर भरोसा है तो काहे घबराता है।
जयशंकर जय भोलेनाथ, जय जय शंकर जय कालनाथ, जय जय शंकर जय विश्वनाथ, जय महादेवा
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