उड़या उड़या ये गुलाल सखी आई होली,उड़या उड़या ये।
होली खेल रहे हनुमान भक्तों के बीच में आके।
पार्वती तेरा सैयां में देख आई,
बन जाऊं तेरी प्यारी
तुझे प्यार करते करते
कर दो क्षमा किशोरी अपराध मेरे सारे,
बड़ी आस लेके आई, दरबार में तुम्हारे,
राधा चली नंद गांव बरसाना छोड़ के।
भोले बाबा मणिमहेश विघ्न सारे हर लेंदा ये।
देता हरदम सांवरे,
तू हारे का साथ,
नज़रे श्याम से है जबसे मिलाई,
कश्ती भंवर से पार हुई,
गजानन राखो लाज हमारी,
पिता तुम्हारे महादेव है,
और पारवती महतारी,
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