जटाटवी गलज्जल प्रवाह पावित स्थले गलेऽव लम्ब्य लम्बिताम भुजंग तुंग मालिकाम् डमड्डु मड्डु मड्डु मन्नी नाद वड्डमर्वयम
चकार चंडतांडवम तनोतु नः शिवः शिवम
भोले बाबा मणिमहेश विघ्न सारे हर लेंदा ये।नही आवेंदे दुख कलेश,विघ्न सारे हर लेंदा ये।भोले बाबा मणिमहेश विघ्न सारे हर लेंदा ये।
भोले बाबा अंतर्यामी, तीन लोक के यह है स्वामी। मेरे हृदय बसों हमेश, विघ्न सारे हर लेंदा ये।भोले बाबा मणिमहेश विघ्न सारे हर लेंदा ये।
मणिमहेश है भोले भंडारी, जिसे पूछते नर और नारी। गुड गाए तेरे मुकेश,विघ्न सारे हर लेंदा ये।भोले बाबा मणिमहेश विघ्न सारे हर लेंदा ये।
भोले बाबा मणिमहेश विघ्न सारे हर लेंदा ये।नही आवेंदे दुख कलेश,विघ्न सारे हर लेंदा ये।भोले बाबा मणिमहेश विघ्न सारे हर लेंदा ये।