गौ माता का सेवक प्रभुको है भाता।गौ माता का सेवक प्रभुको है भाता।
देश में चालो जी ढोला मन भटके।
मैं तो हूं शिव का दास, मैं तो रहूं क्यों उदास।
सुणज्यो सुणज्यो ओ सासूजी, दिन दिन ऊंचो आवे है।
सामली हवेली माथे,कागला घणा
धरती धोरा री धरती धोरा री
नौवे महीने चल गई पीड़ा,नौवे महीने चल गई पीड़ा,पेट में टीसा चाले रे,म्हारो गोलो उतरग्यो
देवर सु बोली भाभी म्हारे आधे अंग रा साथी,
नीले घोड़े रा असवार, करा थारी मनवार
में तो पाणीडे ने चाली मेरा श्याम, मरद चाले अड़-अडके
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