शिव शंकर की सजी है बारात सुहानी लगे रात दुल्हन बनी पार्वती।
Category: शिव भजन लिरिक्सshiv bhajan lyrics
हाथ जोड़ के बोली गवरजा
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में, नागों ने डेरा डाला है
एक दिन पार्वती कहने लगी शंकर से
हरी द्वार की याद सतावे भोले कद सी बुलावे गा,
भोले जी तेरी इक ना मानुगी तेरे सिलवटा तोडूगी,
रुखी सुखी रोटी भोले खाइयो मेरे हाथ से,
शीश गंगा गले नाग काला,
दूल्हा बने भोलेनाथ,
जोड़ी का जवाब नहीं,
शंकर चले ससुराल गिरिजा ब्याहने को आज,
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