हरी बोल हरी बोल हरी हरी बोल,
Category: विविध भजन
भजना मे जावा कोनी दे,
जुग माहि थोड़का जीवणा, फेर जन्म मत लेवणा
आज भगत भगवान से पूछे मीठी मीठी बात तने कित जाना से।
है लाडो बता दूं तो बात काम जिंदगी भर आवेगी।
करे सासु का सत्कार के तु भी कभी सासु बनेगी।
प्रभु की याद में घड़ियाँ जो जीवन की बितायेगा
नर चेत गुमानी, माया ना संग चले,
कीर्तन में ताली बजानी पड़ेगी ,चरणों में हाजिरी लगानी पड़ेगी।
ना तो देर है ना अंधेर है,
तेरे कर्मो का ये सब फेर है,
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