थारी चुनर लाल लाल जिसमें सांचों गोटो माल
Category: रानीसती दादी भजन लीरिक्स
ओ जी दादीजी थारी यादडली सतावे
खा ले डट के भोग लगा ले डट के
मैया कुछ ना कुछ तो बोल मैया अब तो पलका खोल,मैया कईयां रूस्या थे मैया बोलो जी।
कठे से ल्याऊं पांख कठे से ल्याऊं घोड़ी
रुत भादुडे की आई ,की मेलो थारो खूब भरसी
कितनी भोली कितनी सुन्दर बड़ी प्यारी लागे
दुनियां में छोटा मोटा सेठ,मैयाजी मोटी सेठानी,
दादी दादी बोल के तूं देख,काम तेरो पट जावेगो
जगदम्बे थे तो आकर ओढ़ो ये थारा सेवक ल्याया मां थारी चूंदड़ी
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