भौत बरसां के बाद,गोद हुई है आबाद,आज जन्मे कुंवर कन्हाई री
Author: Pushpanjali
सावन को महीनो वृंदावन चालॉ मिल्सयां श्याम से
देखो म्हारो श्याम कैसो जच रहयो है,
सुदामा मंदिर देख डरे,कहां गई मेरी राम झोपड़ी कंचन महल खड़े
वृंदावन में राधे जी का नाम जपना,तुझे श्याम मिल जाएंगे,राधा भजन लिरिक्स
झुक जाओ राजकुमार झुकनो पडसी जी
मैने मेहंदी लगाई रे,कृष्ण नाम की
दादी दादी बोल के तूं देख,काम तेरो पट जावेगो
सुन मेरी मैया,में पड़ूं तेरे पैयां,मेरो छोटो सो काम कराई दे,
मैया थे तो जानो,सब के घट घट की,बोलो म्हारली या नाव कैयां अटकी
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