किस्मत वालों को मिलता है श्याम तेरा दरबार
Author: Pushpanjali
श्याम बाबा को सिंगार मन भावे
गर जोर मेरो चाले,हीरा मोतयां से नजर उतार द्यूं।
दिनानाथ मेरी बात छानी कोनी तेरे से
सज धज कर बैठ्यो सांवरियो
हारे का तू है, सहारा सांवरे
नैना नीचा करले श्याम से मिलावेगी कईयां
अंत समय जब आए मेरा ग्यारस की वो शाम हो
संता स्वर्गां से आयो टेलीफोन,बुलाओ आग्यों राम को
घोटे वाले मुझे बुलाले कर अर्जी मंजूर
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