भगत के वश में है भगवान
Author: Pushpanjali
मैं तुझ बिन कृष्ण कन्हैया,किसे अपनी कहूं कहानी
बार बार जब कहे ब्राह्मणी हुवे सुदामा त्यार
चालो ये सखियां चाला, हिमाचल के द्वारे राज
लेकर गोरा जी को साथ, भोले भाले भोलेनाथ,
रामजी रो नाम म्हाने मिठो घणो लागे रे
भोला नाथ अमली शिव शंकर अमली
जब होती करुण पुकार सांवरा आता है
श्याम थारे क्यांको घाटो जी
डस गयो कालो रे,बेटा तेरे गात में।छाती भर आवे बेटा देखूं तेरी लाश ने।
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