अंजनी का जाया हनुमत लाडला,
औ बालाजी महाराज,
पता नहीं कैसे लग जाती है खबर। श्याम चले आते हैं भक्तों के घर।
जन्मे है लाल माँ अंजनी के लाल
राम ने रथ को हाँक दियो है
लक्ष्मण चल दियो साथ भजो भाई रामा
जय हनुमान जय हनुमान
भक्त ना हनुमंत कोई तुझसे है देखा
श्रद्धा से कोई बुलाता नहीं। फिर कहते श्याम मेरा आता नहीं।
दुनियाँ से दिल लगाकर, दुनियाँ से क्या मिलेगा
सोने की डोरी चांदी का डाला पलना। झूले हनुमान झुलावे माता अंजना।
बालाजी मने राम मिलन की आस,
बतादो कद मिलवाओगे ।
बालाजी म्हारा कष्ट निवारो जी। दुखड़ा का मारा हां थे आन उबारों जी।
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