सजा श्याम नाम दरबार,
खाटू में बरसे है प्यार,
तेरे चलाये से चले नईया गरीब की,
जन्मो जनम यूँ ही,
तेरा प्यार मिले सरकार,
ठुमुक ठुमुक चली आओ महारानी
अब कहां जाओगे मैंने राखे श्याम पकड़ के
गिरतों को जिसने संभाला,
ऐसा है अंजनी लाला,
नौबत बाज रहे द्वारे पे,
भवन पे नाँच रहे नर नारी,
श्याम मिजाजी,
म्हारे आगणिए आवो जी,
भजमन राम रे दीवाना नही तेरे भ्रम का नही ठिकाना।
क्या क्या बनाऊ साग सब्जी बताते जाना
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