अंजनी के लाला, एक बार मिला दे मोहे राम से।।
जिनके हृदय में है सिया राम, उनके निकट बसे श्री हनुमान,
लांघे सात समंदर, ओये क्या बात हो गई,
सोने की लंका जलाए गयो रे, एक छोटो सो वानर,
जिंदगी राम की देन है, इसके हरपल को जीना पड़ेगा,
बालाजी म्हारा कष्ट निवारो जी,
दुखड़ा का मारया हाँ, म्हणे आन उबारो जी ॥
हनुमान तुम्हारे सीने में, दुनिया का मालिक रहता है ।।
कलयुग कला थोरी, अजमाल रा प्रगटिया,
तन पर लाल सिंदूर लगाकर देखो नाच रहे बालाजी
सुनो मेरे सेठ सांवरिया, बना लो मुझे बावरिया।
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