राधा का प्यार हो तुम प्यार
रंग बरसे नंद द्वारे पे रंग बरसे।
ईशर म्हारो भोलो ढालो जी, गौरल म्हारी घणी नखराली
खाटू श्याम धनी सरकार के दरबार में
अलवेला छलिया बांका है, जरा पता लगाओ कहां का है।
म्हारी बिननी ने खाटू वालों प्यारो लागे
राधा जी री रखड़ी सोनी जी, होले होले घड़जो रे।
सेठानी तूं तो भज ले श्याम को नाम की झोली तेरी बाबो भर देगो,
भोले शंकर का श्रद्धा से सुमिरन करो द्वार बंद है जो भाग्य की खुल जाएंगे
थक सा गया हूँ मैं बाबा, दुनिया से बच के चलने में।
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