हाल अपना सुनाऊँ किसे सांवरे, एक तू ही तो है मेरा सांवरे
थारो खूब सज्यो दरबार, म्हारा बालाजी सरकार,
व्रत ग्यारस को सबसे महान,
करो नित विष्णु जी का ध्यान,
आओ श्यामा सुंदर श्याम ताश मिल खेले सांवरिया
मेरो आयो फोन अर्जेंट बैठ गई सतगुरु के रथ में
अंगूठी मुझे सच बता दे,
कहां पर तो छोड़े लक्ष्मण राम
सीता सीता राम जपूं मैं तेरी गालियों में,
मैंने रांधो चने को साग लंगुरिया,
बलम रूठ गए सब्जी पर
चरखले वाली तेरा चरखा बोले सतनाम,
गिन गिन ने गाय सम्हालो लाछा ये गुजर वो
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