किस्मत को मेरी आज, बना क्यों नहीं देते,
धूम मचाएंगे खाटु में धूम मचाएंगे….
तू ही है बस सहारा मेरा,
तुझसे ही है गुज़ारा मेरा,
राधे अपनी कृपा की नज़र,
थोड़ी कर दो इधर
कुंज बिहारी रास रचैया,
गोबर्धन गिरधारी,
सरस्वती माता शारदा ने सिमरु, गुणपत लागू पाय,
कोई जब तुम्हारा सहारा ना हो,
फँसी नाव को जब किनारा ना हो,
मतवाली मीरा सत्संग करती डोले
हरी धुन हरी धुन लागी मेरे मन में
माया के जाल में फंस गया रे ये लोभी तोता।
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