जय दुर्गे दुर्गा भवानी, अष्ट भुजा वाली माता,
मेरे भोले को, चढ़ गई भांग, भोला नाचे रे
नी मैं श्याम मनाना नी, चाहे लोग बोलिया बोले,
अंजनी के लाला हमने, तुमसे ये अरज लगाई,
ये कैसी लगन तुमने हरी हमको लगा ली है।
ओ गोरा के लाल गजानन आ जाना।
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली, बजाओ राधा नाम की ताली ।
पल ही पल में क्या हो जाए,
पता नही तकदीर का,
हनुमान कसम तुम्हे राम की सीता का पता लगाना।
मोर मुकुट वाले घुंघराले लटवाले,
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