मेरे भोले को, चढ़ गई भांग, भोला नाचे रे, अरे डम डम डमरू वाजे, कि भोला नाचे रे।
गौरा तोड़ लाई, हरे धतूरे और तोड़ लाई भांग, भोला नाचे रे।मेरे भोले को चढ़ गई भांग…..
गौरां ने पीसा, हरा धतूरा और पीस लाई भांग, भोला नाचे रे मेरे भोले को, चढ़ गई भांग……
भोले ने खाए, हरे धतूरे ऊपर से पी लई भांग, भोला नाचे रे मेरे भोले को, चढ़ गई भांग…..
भोले को चढ़ गए, हरे धतूरे और चढ़ गई भांग, भोला नाचे रे मेरे भोले को, चढ़ गई भांग…..
ब्रह्मा देखे, विष्णु देखे
और नारद, हँसे देके ताल, भोला नाचे रे मेरे भोले को, चढ़ गई भांग……