मेरी किस्मत का खोल दिया ताला,
मेरे खाटू वाले ने,
चूरू नगरीया देखो छाई है खुशिया भारी,
खाटू श्याम तेरो नाम मेरे मन भावे है।
चाल पड्यो खाटू स म्हारो, श्याम धणी
मैंने रंगा केसरी चोला लखदातार के लिये।
श्याम जयंती आई सबका मन हरषाया है।
शिवशंकर भोळा, म्हारै कानी झांको जी,
खाटू मं दरबार, लगाकर जग को पालणहार,
साँवरो बैठ्यो है जी बैठ्यो है ।।
उठा दो मेरी मटकी हो बंसी वाले,
करलो जी सेवा बाबा श्याम की
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