पत्थर की राधा प्यारी,
पत्थर के कृष्ण मुरारी,
लै के खंडा हथ विच आउंदी,
एजी खेलते रहउं मेैं बालू रेत,मुदरिया मोरी कहां रे गिरी।
अंजनी का लाला रे भगतो का रखवाला रे,
ओ अज्ज रात शिवरात्रि दी आई भगतो,
हर ग्यारस पर मैं ही आऊँ ऐसा ना हो पाये
भजन बिना रे ना काया किस काम की
ओ नचनगे, तेरे भगत भोलेया,
दिन होवे जा रात,
भोला नाथ ने मनावा ने आया,
तेरा जब संकट कटूंगी मने पहले चाहिए भोग रे,
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