सखी तुमने सुना होगा कहां घनश्याम रहते हैं
खाटू वाले श्याम पियारे क्यू कियो सिंगार
सांवरे के रहते तुम, काहे घबराते हो,
भोले की दीवानी है गौरा पार्वती।
सब कहते हैं हारे का सहारा सांवरे
जिसने बोला राधे राधे उसको श्याम मिला,
चिट्ठी ल्याई रे कोयलिया,
मन बसिया की,
भोले भांग खाओगे, या दम लगाओगे।।
तन का तनिक भरोसा नाहीं, काहे करत गुमाना रे।
राधा रानी दे मिलने नु आज मालन बने बनवारी।
You must be logged in to post a comment.