भूलूंगा ना श्याम कभी दरबार तेरा
मैं तो चली मेरे भोले की नगरिया
लटा खोल बैरागन हो गई।
बंसी बजाने वाले ओ मोहना,ओ ओ ओ दिल तेरे बिना नहियो लगदा।
मेरे रंग में भंग मत डाले मेरी मां, ब्याह करवा दे भोले से।
जय शिवाय शंकर,
गौरी नाथ शंकर,
भोलेनाथ शंकर हू
होरी खेलन पधारो श्री वृन्दावन में।।
इच्छापुरी धाम ने पूजे दुनिया सारी जी।
परदा मुख से हटा मुरली वाले, तेरी महफ़िल में आए दिवाने ।
तेरे दरबार आकर हम सांवरिया
तेरा दीदार हम कर रहे हैं
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