पहनो पहनो जी भोले नाम के गहने,
फागुन मेला आया है, मैं भी खाटू जाऊँगा,
राधे ब्रज जन मन सुखकारी,
लेलो जी लेलो भाईडा,
लेलो लेलो राम जी रो नाम,
फागण आयो रे सांवरिया, थारी याद सतावे रे,
पता नहीं कब मंदिर से तेरा मन भर जाए श्याम
कैसे भला मैं मानूँ, करूँ तुमसे प्यार,
शीश दानी बाबा खाटू वाले सजते
खाटू में बैठा सांवरिया भगता के दुःख दूर करे,
फागण में श्याम धनी को लीलो नाचे।
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