जय श्री श्याम का नारा बोलो अब ऊँची आवाज में,
होली खेले महादेव
गगन में उड़े अबीरा।
जय श्री श्याम जपो,
जय श्री श्याम,
ये श्याम तूं अपने भगत को कोई नशा कराता जरूर
एक आस लिए राधे, तेरी चौखट पे है आना
कान्हा रे तू राधा बन जा,भूल पुरुष का मान,
मैं तो हूं भक्तों का दास भगत मेरी मुकुट मणि।
जबसे नैन लड़े गिरधर से,
मेरी अकल गई बोराय,
गले से कन्हैया लगा लीजिए।
ब्याह की सालगिरह आगी भोले के दिलवावोगे
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