अम्बे राणी , ओ हो दुर्गे राणी
तुम बिन मेरी कौन सुनेगा
गोविन्द दामोदर माधवेति
नखराळो देवरियो भाभी पर जादू कर ग्यो
चालो देखण ने बाईसा, थारो बीरो नाचे रे
और रंग दे रे म्हाने ओजू रंग दे,
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Balam choto so,बालम छोटो सो,holi geet
बालम छोटो सो
झटापट आजा म्हारी फूलझड़ी मालण की बाड़ी में ।
चाँद चढ्यो गिगनार किरतया, ढल आई आधी रात पीवजी,
एक बार आवो नी जवाई जी पावणा
जळ जमना रो पाणी कइया ल्याऊं ओ रसिया
पतली कमर म्हारी लुळ लुळ जाय ।
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