उड़ती कुर्जलिया संदेशो म्हारो लेती जाजो रे
तोरण आया राइबर हर-हर काप्या राज।
मतवाली वह इंस्टाग्राम वाली, वह फेसबुक वाली, वह फोन रखे हाथ में।
फुलझड़ी रे म्हारी मोतयां री लड़ी।
बदली बदली दुनिया बदली हवा बदली
इसी पड़ोसन देखो जो खुल्ला राखे बाल
दशा मुझ दीन की भगवन,
सम्भालोगे तो क्या होग।
कैसी ये होरी मचाई कन्हाई
अचरज रखियो न जाई ।
गौरा जी म्हारी विनती सुनो जी धर ध्यान
नथ म्हारी दीज्यो जी गिरधारी।
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