मिसरी सु मीठी गवरा म्हारी, देवे सबने आशीष मां।
क्या दुनिया तुझे सतायेगी,
बैठे बाबा धाम पे रहते हो दरबार में,
मनमोहन खेल रहे होली मनमोहन,
तुम सुनो श्री भगवान लगाकर ध्यान भूल मत जाना
शिव शंकर मेरा प्यारा,
बड़े दिल वाला
पड़ोसन अभी कुंवारी है।
रंग मत डाले रे सांवरिया मेरो बिगड़े सब सिंगार,रंग मत डारे रे।
गुजरकी पकड़ियो हाथ, छुड़ावे दीनानाथ।
माता उदो ए बिदो कर नीसरी,
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