गजानन थाके रुनक झुनक झालर बाजे जी।
जंगला च कुटिया बनावे भीलनी
अयोध्या के राजा भारत है आपका।
चढ़ गया हाथो पे तेरी प्रीत की मेहंदी का रंग,
जनमें अवध में राम मंगल गाओ री,
में भी बालक हूं तेरा।
म्हारो केसरियो हजारी गुल रो फूल
होया तुमसे इश्क श्याम धनी मैं करता हूं करार
कागा संग खेले राम सलोने।
बटाऊ बीरा हो गयो मोड़ो रे। दिन रहयो थोडो रे
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