सत री संगत गंगा गोमती ,
सुरसत कासी परीयागा ।
कौशल्या के होयो श्री राम बधाई सारे भक्ता ने
माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी।
दो दो जोगनिया के बीच
अकेलो लांगुरिया
सामने आओगे या आज भी परदा होगा,
दशरथ के घर राम जनमें चेत महीना नवमी के दिन में।
जिनकी कृपा से चलता यह जहान ,वह है मेरे वीर हनुमान।
अरे भजन में जाबा कोणी दे
बैठी है देखो सिंह पर सवार,
राम कहे सिया राम कहे तो जीवन धन्य हो जाता है।
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