ऐसी बीन बजाई लांगुरिया ने। जी भर के नचाई लांगुरिया ने।
तेरा मेरा नाता कभी टूटे ना मैया जी।
पान फूल का बंगला मैया नगरकोट की।
मोरी मैया की मुंदरी खो गई कहां ढूंढू में जाके।
ओ जीवे साडा श्याम शोणा जीवे जीवे
आव आव मारी मात भवानी दर्श दिखाओ ये
हमारे घर श्याम आए है।
भागा रे भागा रे भागा भैरव बाबा, मैया ने पकड़ा शीश काटा।
लिख-लिख पतियाँ भेजी राम ने, तुम दुर्गा चली आव हो माँ
पट खोल दे पुजारी मंदिर के,
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