हो मईया फूल गजरा गुथे वो देवी बर मालिन फूल गजरा ।
फाट्या दूध के तो जावन्न लागेई कोन्या
मेहंदी माता जी रे मन भाई, ओ मेहंदी राचनी ।
कुं कु केशर रा पगलया मंडाऊं।
माई मेरे श्याम लग्यौ संग डोले।
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता पत्ता श्याम बोलदा ।
हरि हम कब होंगे ब्रजवासी
क्या करें सीता बिचारी राम जोगी बन गए।
मैं हार गया हूँ बाबा,
हारे का साथ निभाओ,
दया थोड़ी सी कर दो ना,
मेरे दामन को भर दो ना,
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