बाबा मेरी बेटी को ऐसा घर बार मिले
गौरा घोंट घोंट के हारी भोले पी गए भंगीया।
श्याम माय डियर मस्ताना।
हरी ने कुटिया बनाई रे जाय वन में,
तेरा हूं मैं तेरा ही रहूंगा, दिल में नाम तुम्हारा है
झीना झीना घुंघटा रे माय, ओ देख्यो सांवरियों
अरे मेरे भैया सुनार मैया के बिछुवे घड़ा दे,
मेरी रंग दो चुनरिया लाल मां मेरी ओढ़ेगी।
लागी मेरी प्रीत तेरे संग मेरे शंकरा ।
निन्दियाँ करे रे ज्यां ने करवा दो,
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