मेरे यार कन्हैया तूं,मेरे प्यार कन्हैया।
सम्हालो बाबा मेरी पतवार,
आज रो आनन्द सजनी,कैसे कहूँ बताय रे।
उठ मेरे मनवा राम सुमर ले बित्यो जाय जमारों रे
अंत बुढ़ापो आया सरसी सदा जवानी रह नाही
म्हारा आंगनिया में आप बेगी आओ मारी माय,
पेटी ढोलक्यां पे नाचे कालो नाग तेजाजी थारे भजना में।
इतने सेठ जहां में मौज उड़ाते हैं,
अरज मीरा री सुन रे सांवरिया
जिसका साथी है भगवान
उसको क्या रोकेगा आँधी और तूफ़ान।
You must be logged in to post a comment.