सांवरिया है साथ तेरे तूं क्यों घबराता है।
रे रोवे ना दूध पिलाए दूंगी रे कृष्ण गोपाला
जप ले बांके बिहारी नाम आएगी राधा प्यारी।
द्वारिकापुरी सूं बाबो आया तो खरी।
चली है सुहागन सुरता पिव निरखन ने,
पिव निरख्यो अखै अविनाशी।।
साधो भाई देखो न नजर पसार
या काया तन में रेल चले।
गुरू घर आविया ये,
जद रात पूनम गई है होय।।
बाला साहब रो भरोसो कारज सारसी जरूर
श्री मन नारायण नारायण हरि हरि।
दरिया बना दिया किसी को, साहिल बना दिया
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