गौरा तेरे लाला को सबसे पहले मनाते हैं
मैं तो तेरे संग ना चलूंगी ओ सैया दीवाने ।
आए हैं गौरी गणेश आज मोरे अंगना में,
मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई,
जाने कहां गए भगवान लक्ष्मी फूट-फूट के रोई,
बैकुंठ कितनी दूर गुरुसा माने ले चालो
अरे नादान परदेशी, तूँ दुनिया छोड़ जाएगा
नटखट नंद किशोर ने मेरो मन हर लीनहो।
मेरा खाटू वाला तीन बान धारी करे नीले की असवारी।
आये गए रघुनंदन ,सजवादो द्वार-द्वार
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