सावन का महीना भक्तों हमें भोले को मनाना है
अर्जी थे म्हारी सुणल्यो रुनिचे रा धनिया
मुझे कर दिया मालामाल खाटू वाले ने।
ओ मेरा खाटू वाला श्याम बदलता तकदीरे।
म्हारा रे जीवन री गाड़ी रो,
ड्राइवर श्याम कोटडी वालो,
के शादी रचा लो भोलेनाथ गोरा ने हां कर दी,
डमरू बजाने वाले जय हो जय भोले भंडारी
तुझे पिता कहूं या माता,तुझे मित्र कहूं या धाता
नदिया किनारे हवा डोले
बागों में कोयल बोले
नाच रहे भोलेनाथ गोरा के संग पर्वत पे।
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