जैसा चाहो मुझे समझना,बस इतना है तुमसे कहना
भर दे रे,श्याम झोली भर दे
भक्तों ने हिलमिल कर उत्सव मनाया है
बालासा म्हारे कीर्तन में आओ जी,
देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ
ओ बजरंग बाला तूं दरस दिखाना
दरबार हजारों है,ऐसा दरबार कहां
सुन मां अंजनी के लाला,आए हैं आज तेरे दरपे
दीप दयाका जलाना प्रभु
भूत पिशाच निकट नहीं आए, पढ़ो हनुमान चालीसा
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