तेरी महिमा गाऊं तीन बार धारी,, की चर्चा सरेआम हो गया
कृपा की जो आदत है प्रभु जी तुम्हारी।
सारी दुनिया में तेरी जय जयकार हो राम जी मेरा एक काम कर दो,
ये तो आती रे जाती गुजरिया कान्हा ने निरखे,
खाटू श्याम तेरा नाम,मैं पुकारू सुबहो- शाम।
शबरी के बैरों में था प्रेम प्रेम की डोर बंधे भगवान,
आवणों पडैला सतगुरु आवणों पडैला,
ओ भाई रे, सब रे मतलब का लोग, अब मोहे खबर पड़ी।
बिना तेरे सहारा कौन देगा,
आरती कीजै श्री रघुवर जी की
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