के आंखें में बंद करूं ,तो तुम ही दिखा करो।
चारभुजा सु म्हारी विनती,जी सुणजो बारम्बार
दरबार ये तुम्हारा है आसरा हमारा।दरबार ये तुम्हारा है आसरा हमारा।नजरों में बस गया है दीदार ये तुम्हारा।दीदार ये तुम्हारा।दीदार ये तुम्हारा।दीदार ये तुम्हारा। मुझे छोड़ नही देना,मुख मोड़ नहीं देना।है धड़कनों का कहना,तुम जान हो मेरी।तुम जान हो मेरी।मुझे छोड़ नही देना,मुख मोड़ नहीं देना।है धड़कनों का कहना,तुम जान हो मेरी।तेरे बिना हमारा होगा […]
होली खेल रहे बांके बिहारी, आज रंग बरस रहा
उठे साँवरिया री हूँक ,नैना झर झर नीर बहाय
क्या लेके आया बंदे, क्या लेके जाएगा।
ओ राधे,श्याम से मिलवादे,
अब तो मान कहयो मेरी मांय, म्हाने सावंरियो परणाय।
बाय चाल्या छ भंवर जी पींपळी जी
गोरडी कर सौलाह सीणगार
चाली पाणी ने पणिहार
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