तुझे हाथों से सजाऊं बड़े चाव से।
Category: श्याम भजन लिरिक्स
ब्रज धाम में उड़त गुलाल होली का जवाब नहीं।
एक देवता ऐसा देखा जिसके हाथ नहीं है।
कान्हा मेरी चुनरिया रंग वाय दियो
अरे रे क्यों तड़पावे खाटू वाले श्याम।
मनमोहन खेल रहे होली मनमोहन,
तुम सुनो श्री भगवान लगाकर ध्यान भूल मत जाना
चलो खेलेंगे होली वृन्दावन में।
अपने तो श्याम जी अपने तो श्याम जी।
श्याम अपने चरणों में दे दे नौकरी।।
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