सांवरिया तेरे दीदार ने,
दीवाना कर दिया,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
मोर छड़ी लहराई रे,
रसिया ओ सांवरा,
हुई है दुखों की मार पैसे पैसे से लाचार कर्ज उतार दे
श्याम जिमावै जाटनी घुंघट की ओट म,
देख के तेरी दिलदारी दिल यह हाले से
पैर तुम मत हटा देना मेरे मोहन
जो भी दरबार से पाया वह सब तुम्हारा है
किस्मत मेरी संवर गई है पाकर तेरा दरबार।
श्याम मेरी तुमसे लड़ाई है।
बहती हैं अखियों से धार,
आ जाओ सांवरे,
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