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श्याम भजन लिरिक्स

Shyam jimawe jatni ghunghat ki ot me,श्याम जिमावै जाटनी घुंघट की ओट म,shyam bhajan

श्याम जिमावै जाटनी घुंघट की ओट म,

नरम नरम लायी घाल गरम कान्हा माखन रोट मैं।श्याम जिमावै जाटनी घुंघट की ओट में।



सांवरिया करूं ओट तन मन तेरा जादू चढ़ रहया सै।घणां करू दीदार मेरा दीवानापन बढ़ रहया सै।दिल होजा सै घाल मेरा नजरां की चोट म,
श्याम जिमावै जाटनी घूंघट की ओट म।नरम नरम लायी घाल गरम कान्हा माखन रोट मैं।श्याम जिमावै जाटनी घुंघट की ओट में।



डर लग गया मने सांवरे कदे मीरा ना हो जाऊं मैं।छोड़ चौधरी बालका नै तेरे महँ खो जाऊं मैं।
मोहनी मोहनी सूरत तेरी कर दे खोट म।
श्याम जीमावे जाटनी घूंघट की ओट म।नरम नरम लायी घाल गरम कान्हा माखन रोट मैं।श्याम जिमावै जाटनी घुंघट की ओट में।



इस ढाला का रिश्ता राखू ना कच्चा ना पक्का हो।निभजा आखिरी सांस तलक जो ना रोला ना रूकका हो।सागर धरै नित्न ध्यान तेरा तुम रहियो सपोर्ट म।श्याम जिमावै जाटनी घूंघट की ओट म्।नरम नरम लायी घाल गरम कान्हा माखन रोट मैं।श्याम जिमावै जाटनी घुंघट की ओट में।

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