दरबार में आकर बाबा को,
तू अपना हाल सुनाएं जा,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
बैठ नज़दीक तू साँवरे के,
तार से तार जुड़ने लगेगा….
कब होगा मिलन हमारा, कब होगा दरश तुम्हारा,
तेरा जादू खाटू वाले, ऐसा सर पे छा गया,
सांवरे के दीवानो की महफ़िल, आज फिर से सजाई गई है,
हमें रास्तों की जरूरत नहीं है,हमें तेरे चरणों के निशांन मिल गये हैं,हमें…. तुम ही से ज्ञान का दिपक जला है,तुम से घनघोर अंधेरा मिटा है,तुम जो नहीं हो प्रभु जी, कुछ भी नहीं है,हमें…. तुम ही हो शिव ओर ब्रम्हां तुम्हीं हो,सब कुछ तुम्हारा सब तुमको अर्पंण,अब तेरा मैं हूं, मुझमें ही तूं है,हमें…. […]
मेरी जिंदगी संवर जाए श्याम तुम मिलने आ जाओ,
रहता बाबा हरदम मेरे साथ है,
मुझको तो फिर चिंता की क्या बात है,
तेरी चौखट पे मेरा सर झुका ही रहे,
हारे को मिलती जीत जहां दरवार में जिनके जाता हुं
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