म्हारी दादी जगत सेठाणी, म्हारो मौज करे परिवार
Category: रानीसती दादी भजन लीरिक्स
मेरा मौज करे परिवार,
झुंझनवाली की कृपा से,
बिगड़े हुए नसीब को हमने बना लिया
दादी जी के मंदरिये में,
मोर नाचे,
फागण को मेलो आयो रंगीलो ,
चूंदडी लाया मां देखो थारा लाल।
ओ दादी खोल दे दरवाजो
म्हें तो झुंझनू आवांगा।
मेरी झुंझन वाली का, सारे जग में डंका बाजे
दादी जी पलका ने उघाड़ो।
झुंझुनू वाली का लाड लड़ाबन आया हां।
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