तु क्यों भटक रहा है सेठ, साहूकार के।तु क्यों भटक रहा है सेठ, साहूकार के। जो चाहे मांग दादी से, झोली पसार के।तु क्यों भटक रहा है सेठ, साहूकार के।तु क्यों भटक रहा है सेठ, साहूकार के। जो चाहे मांग दादी से, झोली पसार के। कितना ही बड़ा सेठ हो कैसा हो साहूकार। राजा हो […]
Category: रानीसती दादी भजन लीरिक्स
बन जाऊं सेठ ऐसी बांध पगड़ी। थारे मेंले में चढ़ाऊ मेरी दादी, में हीरा मोतयों वाली चुनरी।थारे मेंले में चढ़ाऊ मेरी दादी, में हीरा मोतयों वाली चुनरी। सारो गांव बोले तू है जग सेठानी।सारो गांव बोले तू है जग सेठानी। चुनरी में देख बोले मोटी सेठानी। ओढ़ता ही हो जा तेरी शान तगड़ी।थारे मेंले में […]
तर्ज,माई ये थारी जोत सवाई दादी जी म्हारी अमर सुहागन जी।दादी जी म्हारी अमर सुहागन जी। कोई बड़ा नसीब वाला पूजे, मां बडभागन जी।दादी जी म्हारी अमर सुहागन जी।दादी जी म्हारी अमर सुहागन जी।दादी जी म्हारी अमर सुहागन जी।दादी जी म्हारी अमर सुहागन जी। गुरसामल जी के घर जन्मी, बाई नारायणी नाम। दादी को बाई […]
मेहंदी राचनी सुरंगी लाया, थारा लाल जी।
आओ कीर्तन माहि आज, दादी जी थारा लाड करा।
मैया जी घर आ जाना मैया जी घर आ जाना,
मेरी दादी चली आना जब तेरी जरूरत हो
कितनो बड़ो म्हारो भाग्य है दादी,
थे म्हारी कुलदेवी,
हरियालो सावन आयो दादी आजईयो।
जी चाहे जो भी मांगल्यो,ये जग की मात है,
You must be logged in to post a comment.