ब्रज में उड़े रे गुलाल होली रो जवाब नहीं
Author: Pushpanjali
हम ना रहिबे तोहार घर में बाबा
रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला
बालाजी को लाड़ लड़ावे माता अंजनी।
ओ लाल लंगोटे वाले ओ भक्तों के रखवाले
माटी री आ काया थारी माटी में मिल जावेली
चालो सालासर थे चालो
देख तेरे ही मन मंदिर में बसा हुआ भगवान
तेरी बदल जाए तकदीर, तूं राधे राधे बोल जरा।
श्याम सुधारे सब काम,श्याम लाज राखनियों।
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