झूले रे श्याम झूला झूले,झूले,वृंदावन के बागों में।
Author: Pushpanjali
नंद जी के अंगना में बाजे है ढोल रे,जन्माष्टमी भजन
गुरूजी मेरे मन मंदिर में रहियो
सावन सुरंगों जोर को जी कोई झूलो नंदलाल
हे गिरधारी कृष्ण मुरारी,नैया कर दो पार
बंदा तेरी कौड़ी लगे ना छिदाम,बहुत पुराना भजन
आरती जगमग जगमग चमके
भोले बाबा थारी महिमा अपार है जी
चलो देख आवें नंद घर लाला हुवा,जन्माष्टमी भजन
तेरे लाला ने ब्रज रज खाई,जशोदा सुन माई
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