मेरे भोले जी मेरे शंकर जी, मेरे महाकाल शिव शंकर
Author: Pushpanjali
भोला पीहर से ले आया, मीठा बोल बोल के।
तेरे डमरू की धुन पे मगन ना हुआ, ऐसा प्राणी तो दुनिया में कोई नहीं
बनड़ो जादूगारो ये। बनड़ों कामनगारो ये,
आया मौसम मस्त बहार फागुन आया है,
तन पर रमावे भस्म भस्म, यह है भोले की रस्म रस्म
किस बात का डर मुझको, मेरे साथ श्याम है।
मिसरी को बाग लगादे रसिया
नीम की निमोळी म्हाने खारी लागे
जेठ म्हारो भोलो ढालो जी जिठानी म्हारी तेरह ताली जी,
महादेव के हैं हम
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